अमित शाह के ५ बार अनुरोध के बाद भी नहीं दी जमीन? बंगाल बॉर्डर पर फेंसिंग को लेकर शुभेंदु का बड़ा खुलासा!

पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग (कंटीले तारों) के काम में देरी को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला है। शुभेंदु ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जानबूझकर जमीन उपलब्ध नहीं करा रही है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।
एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान शुभेंदु ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संसद में दिए गए भाषण का वीडियो साझा किया। उन्होंने कहा, “देश के अन्य राज्यों में सीमा पर फेंसिंग का काम लगभग १०० प्रतिशत पूरा हो चुका है, लेकिन पश्चिम बंगाल में यह अब भी अधूरा है। गृह मंत्री अमित शाह ने खुद पांच बार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से व्यक्तिगत रूप से सहयोग का अनुरोध किया, लेकिन राज्य सरकार ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।”
शुभेंदु ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि भारत-बांग्लादेश सीमा का लगभग १६०० किलोमीटर हिस्सा पश्चिम बंगाल से सटा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की इस ढिलाई के पीछे एक खास मकसद है। शुभेंदु के अनुसार, “ममता सरकार बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं को सुरक्षा देने के लिए जमीन देने से इनकार कर रही है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक भयानक खतरा है।”
कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए शुभेंदु ने कहा कि अदालत ने ३१ मार्च तक जमीन की व्यवस्था करने का कड़ा निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमा सुरक्षा के लिए जमीन मुहैया कराना राज्य सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। केंद्र सरकार केवल वित्तीय सहायता प्रदान करती है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से अधिसूचना जारी न होने के कारण काम रुका हुआ है।