इतिहास रचेंगी ममता! आज सुप्रीम कोर्ट में वकील बनकर दलीलें देंगी मुख्यमंत्री, देश की नजरें टिकीं!

भारतीय राजनीति और न्यायपालिका के इतिहास में आज एक अनोखा अध्याय जुड़ने जा रहा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज, बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में ‘एसआईआर’ (SIR) मामले में खुद वकील के तौर पर पेश होंगी। यह पहली बार होगा जब कोई मौजूदा मुख्यमंत्री देश की शीर्ष अदालत में अपनी सरकार का पक्ष रखने के लिए खुद जिरह करेगा।

वकील ममता का इतिहास: ममता बनर्जी ने योगेश चंद्र चौधरी लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री ली है। राजनीति में आने के बाद भी उन्होंने कानून की समझ को हमेशा जिंदा रखा। १९८४ में बालुरघाट में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जेल से बाहर निकालने के लिए उन्होंने पहली बार काला गाउन पहना था। १९९६ में भी उन्होंने बैंकशाल कोर्ट में ऐतिहासिक दलीलें दी थीं। उनके पुराने सहयोगी बताते हैं कि ममता जब कोर्ट में खड़ी होती हैं, तो विपक्षी वकीलों के लिए उनके तर्कों का जवाब देना मुश्किल हो जाता है।

सोशल मीडिया पर हलचल: इस सुनवाई को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर भारी प्रचार शुरू कर दिया है। टीएमसी के हैंडल से एक ग्राफिक्स साझा किया गया है जिसमें ममता बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट की सीढ़ियां चढ़ते हुए दिखाया गया है। पार्टी का दावा है कि मुख्यमंत्री खुद इस मामले को चुनौती देंगी, जिससे यह मामला एक राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है।

मामले की अहमियत: एसआईआर मामला पश्चिम बंगाल सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सुप्रीम कोर्ट में आज कई अन्य मामलों पर भी सुनवाई होनी है, लेकिन सबकी दिलचस्पी ममता बनर्जी की दलीलों में है। क्या एक मुख्यमंत्री के रूप में वह न्यायपालिका को प्रभावित कर पाएंगी? यह सवाल आज पूरे देश में गूंज रहा है।

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