पश्चिम बंगाल में बड़ा चुनावी दांव! शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र 65 करने की तैयारी में ममता सरकार?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले ममता बनर्जी सरकार एक बड़ा प्रशासनिक कार्ड खेलने की तैयारी में है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, सरकारी स्कूल के शिक्षकों की सेवानिवृत्ति (Retirement) की आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा गया है। माना जा रहा है कि अनुभवी शिक्षकों की कमी को पूरा करने और एक बड़े वोट बैंक को साधने के लिए सरकार यह कदम उठा सकती है।

राज्य के बजट में वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य पहले ही सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के गठन की घोषणा कर चुकी हैं, जो 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। साथ ही, कर्मचारियों के लिए 4% अतिरिक्त महंगाई भत्ते (DA) का भी ऐलान किया गया है। रिटायरमेंट की उम्र बढ़ने से सरकार को दोतरफा फायदा होगा—पहला, अनुभवी शिक्षकों की सेवाएं जारी रहेंगी और दूसरा, एक साथ बड़ी संख्या में रिटायरमेंट न होने से पेंशन फंड पर पड़ने वाला तत्काल आर्थिक बोझ कम होगा।

हालांकि, इस प्रस्ताव पर शिक्षक समुदाय में मिली-जुली प्रतिक्रिया है। जहां वरिष्ठ शिक्षक इसे आर्थिक सुरक्षा के रूप में देख रहे हैं, वहीं युवा बेरोजगारों को डर है कि इससे नई भर्तियों के अवसर कम हो जाएंगे। विपक्ष और कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि लंबित डीए के मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए यह एक ‘चुनावी स्टंट’ हो सकता है। फिलहाल, सभी की नजरें मुख्यमंत्री के अंतिम फैसले और आधिकारिक अधिसूचना पर टिकी हैं।

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