सरकारी कार्यक्रमों में अब ‘जन गण मन’ से पहले ‘वंदे मातरम’ अनिवार्य; अमित शाह के मंत्रालय ने जारी किए नए नियम

नयी दिल्ली: केंद्र सरकार ने सरकारी समारोहों में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के मान-सम्मान और प्रस्तुति को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। अमित शाह के नेतृत्व वाले केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब सभी आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से पहले ‘वंदे मातरम’ गाना या बजाना अनिवार्य होगा। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब भी यह गीत बजेगा, दर्शकों को इसके सम्मान में खड़ा होना होगा।

नए प्रोटोकॉल के तहत, अब तक गाए जाने वाले केवल दो छंदों के बजाय अब पूरे 6 छंदों को शामिल किया गया है। इस संस्करण की अवधि 3 मिनट 10 सेकंड होगी। इसे राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय, राष्ट्रपति और राज्यपालों के आगमन और प्रस्थान के दौरान, और पद्म पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान समारोहों में बजाया जाएगा। हालांकि, सिनेमाघरों के लिए इसे अनिवार्य नहीं बनाया गया है। गृह मंत्रालय ने यह निर्णय ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर लिया है।

इस फैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। तृणमूल कांग्रेस के उपाध्यक्ष जयप्रकाश मजूमदार ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कदम “विभाजनकारी मंशा” से प्रेरित है। उन्होंने तर्क दिया कि गीत के अगले छंदों का उपयोग भारत को विभाजित करने के लिए किया जा सकता है। सरकार के इस कदम ने एक बार फिर राष्ट्रीय प्रतीकों और उनकी प्रस्तुति को लेकर देश भर में नई बहस छेड़ दी है।

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