योगी सरकार का 9 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट! किसानों की बल्ले-बल्ले, युवाओं को 10 लाख नौकरियों का तोहफा

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आज अपना दसवां बजट पेश कर राज्य के विकास की नई इबारत लिख दी है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधान सभा में 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम बजट पेश किया, जो अब तक का सबसे बड़ा बजट है। इस बजट का मुख्य केंद्र बिंदु किसान, युवा और आधारभूत ढांचा (Infastructure) रहा।
कृषि और किसानों के लिए ऐतिहासिक कदम वित्त मंत्री ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन में देश में नंबर वन बन चुका है। विश्व बैंक की सहायता से राज्य में एक ‘कृषि निर्यात केंद्र’ स्थापित किया जाएगा, जिससे यूपी के किसानों की पहुंच सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक होगी। गन्ना भुगतान में रिकॉर्ड बनाने के साथ-साथ, गेहूं, आलू और आम जैसे उत्पादों में यूपी का योगदान राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 51 लाख करोड़ रुपये का मुआवजा किसानों को दिया गया है, जो एक बड़ी राहत है।
रोजगार और औद्योगिक क्रांति यूपी अब भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बन गया है। देश के कुल मोबाइल उत्पादन का 65% हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश से आता है। इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से आए 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों से राज्य में 10 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। युवाओं को रोजगार के साथ-साथ प्रशिक्षण के नए विकल्प भी दिए जा रहे हैं।
आर्थिक प्रगति और गरीबी उन्मूलन योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। 2016-17 में जो आय 54,564 रुपये थी, वह अब बढ़कर 1,09,844 रुपये हो गई है। वित्त मंत्री ने बताया कि लगभग 6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। उत्तर प्रदेश अब स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर’ की श्रेणी में है और यहां डेटा सेंटर स्थापित करने की तैयारी जोरों पर है। कानून-व्यवस्था की मजबूती को इस विकास का आधार बताया गया है।