डेटाबेस के साथ हो रही है साजिश? पश्चिम बंगाल सरकार ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति, SIR पर बढ़ा तनाव

पश्चिम बंगाल में एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच कड़वाहट और बढ़ गई है। नबन्ना (राज्य सचिवालय) ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग को सौंपे गए ग्रुप-बी अधिकारियों के डेटाबेस को कुछ ‘स्वार्थी तत्वों’ द्वारा विकृत करने की कोशिश की जा रही है।

विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट के 9 फरवरी के आदेश के बाद, कुल 8505 ग्रुप-बी अधिकारियों की सूची पूरी पारदर्शिता के साथ जमा की गई थी। सरकार का कहना है कि यह वर्गीकरण वित्त विभाग के मौजूदा नियमों और पे-लेवल के आधार पर ही किया गया है। नबन्ना ने उन आरोपों को “पूरी तरह से निराधार और काल्पनिक” बताया है जिनमें डेटा में धांधली की बात कही जा रही थी।

राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि आखिर नबन्ना का निशाना किस ओर है। राज्य सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि चुनाव आयोग को दी गई जानकारी में कोई गड़बड़ी नहीं है और कुछ लोग जानबूझकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। एसआईआर को लेकर चल रहा यह विवाद अब प्रशासनिक से ज्यादा राजनीतिक होता जा रहा है।

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