कल भारत बंद! ३० करोड़ मजदूरों की हड़ताल से थम सकता है देश, बैंकों और बसों पर पड़ेगा सीधा असर २. सावधान!

केंद्र सरकार के चार नए लेबर कोड (श्रम कानूनों) और आर्थिक नीतियों के खिलाफ १० केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने कल, १२ फरवरी को देशव्यापी ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है। इस हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और बैंक यूनियनों (AIBEA, BEFI) का भी पूरा समर्थन प्राप्त है। दावा किया जा रहा है कि देश के करीब ६०० जिलों में ३० करोड़ से अधिक श्रमिक इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे, जिससे सामान्य जनजीवन और बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।+1
हड़ताल की मुख्य वजह: यूनियनों का कहना है कि नवंबर २०२५ में अधिसूचित नए लेबर कोड मजदूरों की नौकरी की सुरक्षा को खत्म करते हैं और कंपनियों को ‘हायर एंड फायर’ की छूट देते हैं। इसके साथ ही, किसान संगठन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध कर रहे हैं, जिससे उन्हें घरेलू कृषि बाजार को नुकसान पहुंचने का डर है। उनकी मांगों में मनरेगा की बहाली, न्यूनतम मजदूरी और निजीकरण पर रोक शामिल है।
क्या प्रभावित होगा?
- बैंकिंग सेवाएं: एसबीआई (SBI) और बैंक ऑफ बड़ौदा ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया है कि कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से कैश ट्रांजेक्शन और चेक क्लियरिंग जैसे कामों में देरी हो सकती है। हालांकि, नेट बैंकिंग और एटीएम सुचारू रूप से काम करेंगे।
- परिवहन और बाजार: ओडिशा, केरल और कर्नाटक जैसे राज्यों में भारी असर दिखने की उम्मीद है। ऑटो-टैक्सी यूनियन और कई बाजारों ने बंद का समर्थन किया है, जिससे ‘चक्का जाम’ की स्थिति बन सकती है।
- स्कूल और कॉलेज: देशव्यापी छुट्टी का कोई आदेश नहीं है, लेकिन स्थानीय स्थितियों को देखते हुए ओडिशा और केरल में कई शिक्षण संस्थान बंद रह सकते हैं।
- क्या खुला रहेगा? अस्पताल, एम्बुलेंस, दवा की दुकानें और बिजली-पानी जैसी अनिवार्य सेवाएं हड़ताल से मुक्त रहेंगी। एयरपोर्ट और ट्रेन सेवाएं भी जारी रहेंगी, लेकिन यात्रियों को ट्रैफिक जाम से बचने के लिए जल्दी निकलने की सलाह दी गई है।