नेहरू काल का नियम खत्म! अब राष्ट्रगान से पहले गूंजेगा पूरा ‘वंदे मातरम’, खड़े होना होगा जरूरी
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘वंदे मातरम’ को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है, जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एक बार फिर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। नए नियमों के मुताबिक, अब सभी सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों में राष्ट्रीय गीत के पूरे छह छंद (stanzas) गाए जाएंगे। बता दें कि १९३७ में कांग्रेस ने मुस्लिम लीग की आपत्तियों के बाद इसके अंतिम चार छंदों को हटा दिया था, जिन्हें अब मोदी सरकार ने बहाल कर दिया है।
एमएचए (MHA) के नए दिशा-निर्देशों की मुख्य बातें:
- किसी भी सरकारी कार्यक्रम में राष्ट्रगान (जन गण मन) से पहले ‘वंदे मातरम’ गाया जाना अनिवार्य है।
- गाना गाते या बजते समय सभी को ‘अटेंशन’ की मुद्रा में खड़ा होना होगा।
- स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे सुबह की प्रार्थना सभा में इसे शामिल करें।
- सिनेमाघरों में फिल्म के दौरान यदि यह गीत आता है, तो दर्शकों के लिए खड़ा होना अनिवार्य नहीं है।
प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में कहा कि वंदे मातरम के छंदों को छोड़ना देश के विभाजन के बीज बोने जैसा था। उन्होंने इसे नेहरू की गलती बताते हुए कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति के कारण राष्ट्रीय गौरव के साथ समझौता किया गया था। वहीं कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए इतिहास का राजनीतिकरण कर रही है और रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर ही केवल पहले दो छंदों को अपनाया गया था ताकि सर्वधर्म समभाव बना रहे।