बंगाल पुलिस बहाली में पारदर्शिता पर जोर, इंटरव्यू से पहले जारी करनी होगी मार्क्स लिस्ट!
पश्चिम बंगाल पुलिस भर्ती बोर्ड (PRB) द्वारा कांस्टेबल के पदों पर की जा रही नियुक्तियों को लेकर कोलकाता हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने आदेश दिया है कि भर्ती प्रक्रिया के तहत आयोजित लिखित परीक्षा के अंकों के साथ पूरी सूची सार्वजनिक की जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इंटरव्यू प्रक्रिया आगे बढ़ने से पहले बोर्ड को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक उम्मीदवार को उसके प्राप्त अंकों की जानकारी हो।
मामला २०२४ की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है, जिसकी लिखित परीक्षा २०२५ में आयोजित की गई थी। पिछले साल २९ दिसंबर को जब परिणाम घोषित हुए, तो बोर्ड ने बिना नंबर वाली एक सूची जारी कर दी थी। उम्मीदवारों ने इसे पारदर्शिता का उल्लंघन बताते हुए अदालत की शरण ली। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि बिना अंकों के यह समझना असंभव है कि चयन किस आधार पर हुआ है। अदालत ने इस दलील को स्वीकार करते हुए बोर्ड को पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया है।
इसी भर्ती से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण मामले में, कोर्ट ने १५ उम्मीदवारों को राहत दी है जिन्होंने शारीरिक माप (Height Measurement) में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। आमना खातून और तस्लीमा नसरीन जैसे अभ्यर्थियों का कहना था कि बोर्ड ने उनकी लंबाई गलत मापी है, जिससे वे चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए। इस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस भट्टाचार्य ने निर्देश दिया कि ये १५ अभ्यर्थी अगले ४८ घंटों के भीतर पुनः आवेदन कर सकते हैं। भर्ती बोर्ड को एक सप्ताह के भीतर इन आवेदनों पर विचार कर अंतिम निर्णय लेना होगा। कोर्ट के इस हस्तक्षेप से उन युवाओं में न्याय की उम्मीद जगी है जो सिस्टम की गड़बड़ी का शिकार होने का दावा कर रहे थे।