टी-20 वर्ल्ड कप में क्या टूटेगा श्रीलंका का 18 साल पुराना महा-रिकॉर्ड? 300 रन का सपना अब भी कोसों दूर!

आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर क्रिकेट गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा यह थी कि क्या कोई टीम 300 रनों का जादुई आंकड़ा छू पाएगी? विशेषकर भारतीय बल्लेबाजी क्रम को देखते हुए इसकी उम्मीद ज्यादा थी। लेकिन टूर्नामेंट के शुरुआती 14 मैचों ने यह साबित कर दिया है कि रिकॉर्ड बनाना जितना आसान दिखता है, मैदान पर उतना ही कठिन है। 2007 में श्रीलंका द्वारा बनाया गया उच्चतम स्कोर आज भी एक अभेद्य किले की तरह खड़ा है।

श्रीलंका का ऐतिहासिक स्कोर: टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर 260/5 है, जो श्रीलंका ने 2007 के पहले संस्करण में केन्या के खिलाफ बनाया था। सनथ जयसूर्या की 88 रनों की तूफानी पारी की बदौलत बना यह रिकॉर्ड पिछले 18 वर्षों से कोई नहीं तोड़ सका है। दिलचस्प बात यह है कि इस लिस्ट के टॉप-3 में भारत का नाम तक शामिल नहीं है। भारत का सर्वोच्च स्कोर 218/4 है, जो युवराज सिंह के ऐतिहासिक 6 छक्कों वाले मैच में इंग्लैंड के खिलाफ बना था।

कहाँ चूक रही है टीम इंडिया? वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले सूर्यकुमार यादव और टीम इंडिया से 300 रनों की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन वानखेड़े स्टेडियम में अमेरिकी गेंदबाजों ने भारत को महज 161 रनों पर रोककर सबको चौंका दिया। मौजूदा टूर्नामेंट में अब तक केवल दो बार 200 का आंकड़ा पार हुआ है, जिसमें स्कॉटलैंड ने इटली के खिलाफ ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। आंकड़ों के अनुसार, 2007 से 2024 तक केवल 19 बार ही टीमें 200 रन बना पाई हैं, जिसमें दक्षिण अफ्रीका 6 बार के साथ सबसे आगे है।

क्या असंभव है रिकॉर्ड तोड़ना? जिस तरह से पिचें व्यवहार कर रही हैं और गेंदबाजों का दबदबा बढ़ रहा है, उसे देखकर लगता है कि श्रीलंका का 260 रनों का रिकॉर्ड तोड़ना ही एक बड़ी चुनौती होगी, 300 तो बहुत दूर की बात है। हालांकि, भारतीय प्रशंसक अभी भी रोहित और सूर्या से किसी करिश्मे की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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