“देश संविधान से चलेगा, मुस्लिम पर्सनल लॉ से नहीं”: UCC पर छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सलीम राज का बड़ा धमाका!

छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जिसने देश की सियासत में भूचाल ला दिया है। सलीम राज ने दो टूक शब्दों में कहा कि भारत ‘एक देश, एक विधान’ की राह पर चलना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि यह देश किसी मुस्लिम कानून, ईसाई कानून या अन्य धार्मिक रीतियों से नहीं, बल्कि केवल भारतीय संविधान से संचालित होना चाहिए।

दोहरे कानून पर उठाए सवाल: सलीम राज ने इस्लामिक कानून और भारतीय दंड प्रणाली की तुलना करते हुए कहा कि इस्लाम में बलात्कार जैसे अपराध के लिए पत्थर मारकर हत्या करने का प्रावधान है, जबकि भारतीय कानून में उम्रकैद या कठोर सजा का प्रावधान है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम समाज अक्सर अपनी सुविधा के अनुसार दो कानूनों के बीच रास्ता निकालता है, जो न्यायसंगत नहीं है। उनका मानना है कि धर्म अलग हो सकते हैं, लेकिन देश का कानून सबके लिए एक समान होना अनिवार्य है।

सनातन बनाम अन्य कानून: वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने तर्क दिया कि मुस्लिम समुदाय को यह तय करना होगा कि वे धार्मिक कानून चाहते हैं या भारतीय संविधान। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को केवल एक कानून के दायरे में रहना पड़ता है, जबकि अन्य समुदायों के पास दोहरे विकल्प होते हैं। यह भेदभाव खत्म होना चाहिए। सलीम राज का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में यूसीसी पर बहस छिड़ी हुई है। अब देखना यह है कि वक्फ बोर्ड के मुखिया के इस स्टैंड पर मुस्लिम संगठनों की क्या प्रतिक्रिया होती है।

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