UP Budget 2026: मिर्जापुर की जनता का फूटा गुस्सा, कहा- “सिर्फ कागजों पर अच्छा लगता है बजट, जमीनी हकीकत कुछ और!”
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर मिर्जापुर की जनता ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं और छात्राओं के लिए स्कूटी योजना जैसे बड़े वादे किए हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि बजट केवल घोषणाओं का पुलिंदा है।
अस्पताल बने ‘रेफरल सेंटर’: स्थानीय निवासी गुलाबधर मिश्रा और दिलीप सिंह ने मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि मिर्जापुर में मेडिकल कॉलेज होने के बावजूद कार्डियोलॉजी और न्यूरोलॉजी जैसे विभागों में डॉक्टर ही नहीं हैं। उनका कहना है कि बजट तब तक सफल नहीं माना जाएगा जब तक अस्पतालों में डॉक्टरों की भर्ती नहीं होगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज की स्वास्थ्य व्यवस्था केवल मरीजों को ‘रेफर’ करने तक सीमित रह गई है।
चुनावी “लॉलीपॉप” और पुरानी योजनाएं: संजय कुमार ओझा और मनीष कुमार जैसे नागरिकों ने बजट को चुनावी स्टंट करार दिया है। उनका कहना है कि स्कूटी योजना जैसी घोषणाएं पहले भी की गई थीं और अब चुनाव पास आते ही फिर से इन्हें उभारा जा रहा है। लोगों का कहना है कि पिछले बजट का पैसा भी पूरी तरह खर्च नहीं हो पाया, फिर नए वादों का क्या मतलब? जनता ने पर्यावरण, खाद्य सुरक्षा और श्रमिकों के लिए ठोस नीतियों की मांग की है।