छत्तीसगढ़ में बन रहा है “अपना स्वर्ग”! धमतरी के ठेमली आइलैंड का कायाकल्प, सैलानियों की मौज

छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर जल्द ही एक नया चमकता सितारा जुड़ने वाला है। धमतरी जिले के प्रसिद्ध गंगरेल जलाशय के बीच स्थित ‘ठेमली आइलैंड’ को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। अपनी नैसर्गिक सुंदरता के लिए मशहूर इस द्वीप को “छत्तीसगढ़ का स्वर्ग” बनाने की कवायद शुरू हो गई है।
कलेक्टर का कड़ा रुख: धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने हाल ही में अधिकारियों के साथ ठेमली आइलैंड का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने पैदल चलकर पाथवे निर्माण का जायजा लिया और व्यू पॉइंट व वॉच टावर के लिए सटीक जगहों का चयन किया। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और बारिश के मौसम को देखते हुए जलभराव रोकने के लिए पुख्ता ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाएगा।
क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
- खास आकर्षण: आइलैंड पर पर्यटकों के लिए सोलर लाइटिंग, खरंजा फुटपाथ, रेलिंग और खूबसूरत बैठने की व्यवस्था की जा रही है।
- बुनियादी सुविधाएं: पेयजल, शौचालय, कचरा प्रबंधन, पार्किंग और सुरक्षा गार्ड की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
- लोकल फ्लेवर: यहां डिस्प्ले बोर्ड के माध्यम से स्थानीय जैव-विविधता और संस्कृति की जानकारी दी जाएगी।
पर्यावरण और रोजगार पर जोर: प्रशासन का लक्ष्य केवल निर्माण नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण भी है। वन विभाग को स्थानीय प्रजातियों के पौधारोपण के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर मिश्रा के अनुसार, इस पर्यटन विकास से स्थानीय युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए स्वरोजगार के नए द्वार खुलेंगे। गंगरेल-ठेमली आइलैंड जल्द ही प्रदेश का सबसे व्यवस्थित और आकर्षक पर्यटन केंद्र बनेगा।