बांग्लादेश में ‘ऐतिहासिक’ मतदान शुरू: अवामी लीग के बिना पहली जंग, क्या BNP मारेगी बाजी?
बांग्लादेश में आज 12 फरवरी को 13वें संसदीय चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद यह देश का पहला बड़ा लोकतांत्रिक चुनाव है। सुबह 7:30 बजे से शुरू हुई वोटिंग में 127 मिलियन से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। इस चुनाव के साथ-साथ संवैधानिक सुधारों पर एक राष्ट्रीय जनमत संग्रह (Referendum) भी कराया जा रहा है।
BNP बनाम जमात की जंग: मैदान में अवामी लीग की अनुपस्थिति ने मुकाबले को बीएनपी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी के बीच लाकर खड़ा कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अवामी लीग के पारंपरिक वोटर अब बीएनपी की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे तारिक रहमान की पार्टी को बढ़त मिलने की उम्मीद है। वहीं, जमात-ए-इस्लामी ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और एक संतुलित विदेश नीति का वादा किया है।
भारत के लिए क्यों है अहम? भारत इस चुनाव पर पैनी नजर बनाए हुए है। शेख हसीना के भारत में रहने और ढाका में बढ़ते चीन-पाकिस्तान के प्रभाव ने नई दिल्ली की चिंताएं बढ़ाई हैं। भारत चाहता है कि पड़ोस में एक स्थिर और लोकतांत्रिक सरकार बने जो सुरक्षा और व्यापारिक हितों को प्राथमिकता दे। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच हो रहे इस चुनाव के नतीजे कल यानी 13 फरवरी को स्पष्ट होने की उम्मीद है।