अमेरिका के साथ ट्रेड डील से भारत की चांदी! सालाना $90 बिलियन पार होगा व्यापार अधिशेष

अमेरिका के साथ हुई ऐतिहासिक ट्रेड डील के बाद भारत की अर्थव्यवस्था को एक नई उड़ान मिलने वाली है। एसबीआई (SBI) रिसर्च की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस समझौते से अमेरिका के साथ भारत का वार्षिक व्यापार अधिशेष (Trade Surplus) 90 बिलियन डॉलर के पार जा सकता है। यह भारत की जीडीपी का लगभग 1.1 प्रतिशत होगा और इससे विदेशी मुद्रा भंडार में 3 बिलियन डॉलर की बचत होने का अनुमान है।

एसबीआई के मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. सौम्य कांति घोष ने बताया कि भारत के शीर्ष 15 उत्पादों का निर्यात सालाना 97 बिलियन डॉलर तक बढ़ सकता है। यदि अन्य उत्पादों को भी जोड़ लिया जाए, तो यह आंकड़ा आसानी से 100 बिलियन डॉलर को पार कर जाएगा। वित्त वर्ष 2025 में यह सरप्लस 40.9 बिलियन डॉलर था, जो अब दोगुने से भी अधिक होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने अपनी संवेदनशीलता से समझौता किए बिना यह रणनीतिक बढ़त हासिल की है।

टेक्सटाइल सेक्टर को लेकर उठ रही चिंताओं पर रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका-बांग्लादेश ट्रेड डील से भारतीय निर्यातकों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। हालांकि बांग्लादेश को कुछ शर्तों पर जीरो ड्यूटी का लाभ मिलेगा, लेकिन अमेरिका से कच्चा माल मंगाने की लागत भारत के मुकाबले बहुत अधिक होगी। इसके अलावा, यूरोपीय संघ (EU) के साथ हुई डील ने भारत के लिए 260 बिलियन डॉलर का बड़ा बाजार खोल दिया है, जहां भारतीय कपड़ों पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।

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