अमेठी में औद्योगिक क्रांति! ₹2500 करोड़ के निवेश से जगेगी उम्मीद, युवाओं को घर के पास मिलेगा काम
अमेठी के औद्योगिक गलियारों में छाई खामोशी अब जल्द ही मशीनों की गूंज में बदलने वाली है। जिले से रोजगार की तलाश में होने वाले पलायन को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार एक बड़ी तैयारी कर रही है। फरवरी के महीने में जिले के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में लगभग ₹2,500 करोड़ के निवेश के साथ नई फैक्ट्रियां और उद्योग स्थापित करने की योजना है। यह खबर उन युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आई है, जो रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों का रुख करने को मजबूर थे।
औद्योगिक पुनरुद्धार की तैयारी: जिले के पांच प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों— उटेलवा, जगदीशपुर, कौहार, टिकरिया और त्रिशुंडी में 800 हेक्टेयर से अधिक भूमि खाली पड़ी है। लापरवाही और रखरखाव के अभाव में जो पुरानी फैक्ट्रियां बंद हो गई थीं, उन्हें अब फिर से शुरू करने की तैयारी है। ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी में होने वाले शिलान्यास समारोह के माध्यम से जिले में प्लाईवुड फैक्ट्री समेत कई अन्य उद्योगों की आधारशिला रखी जाएगी।
पलायन पर लगेगी लगाम: अमित सिंह जैसे स्थानीय युवाओं का कहना है कि सरकार के इस प्रयास से न केवल बेरोजगारी दूर होगी, बल्कि उन्हें अपने परिवार के साथ रहकर सम्मानजनक जीवन जीने का मौका मिलेगा। सालों से जो लोग सीमित पूंजी में गुजारा कर रहे थे या विदेश जाकर काम करने को मजबूर थे, उनके लिए अमेठी में ही रोजगार के विकल्प खुलेंगे। बजट से मिलने वाली इस सौगात ने जिले के आर्थिक परिदृश्य को बदलने की उम्मीद जगा दी है।