तारेक रहमान की जीत के बीच बांग्लादेश संसद में जमात की धमक

बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के पतन के डेढ़ साल बाद हुए चुनावों में खालिदा जिया की बीएनपी ने पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है और तारेक रहमान देश के नए प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। हालांकि, आवामी लीग की अनुपस्थिति में बीएनपी के लिए सत्ता का रास्ता साफ था, लेकिन जमात-ए-इस्लामी ने 70 से अधिक सीटें जीतकर सबको चौंका दिया है। संसद में जमात अब मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में होगी, जो नई सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है।
जमात के इस उभार से चिंतित सजीव वाजेद जॉय ने आतंकवाद की चेतावनी देते हुए बीएनपी को बातचीत का प्रस्ताव दिया है। ऐतिहासिक रूप से हसीना और खालिदा दोनों ने जमात को सीमित रखा था, लेकिन वर्तमान में उनकी मजबूत स्थिति ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या तारेक रहमान जमात के प्रभाव को कम करने के लिए आवामी लीग पर लगा प्रतिबंध हटाकर हसीना की वापसी का रास्ता खोलेंगे।