बॉर्डर पर खतरे की घंटी! ‘चिकन नेक’ को लेकर शुभेंदु अधिकारी ने ममता सरकार को घेरा, राष्ट्रीय सुरक्षा पर उठाया सवाल

पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने बांग्लादेश के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और सीमावर्ती जिलों में बढ़ते कट्टरपंथ को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर एक विस्तृत इन्फोग्राफिक साझा करते हुए शुभेंदु ने दावा किया कि बांग्लादेश के सीमावर्ती इलाकों में ‘जमात-ए-इस्लामी’ जैसे संगठनों की बढ़ती सक्रियता भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती है।

शुभेंदु का कहना है कि बांग्लादेश के सातखिरा से रंगपुर तक फैले कट्टरपंथी प्रभाव का सीधा असर पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना, नदिया और मालदा जैसे जिलों पर पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सीमा पार वैचारिक संरेखण मजबूत होता है, तो सिलीगुड़ी कॉरिडोर या ‘चिकन नेक’ (जो उत्तर-पूर्व भारत को मुख्य भूमि से जोड़ता है) खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि जमीन हस्तांतरण में देरी के कारण सीमा पर बीएसएफ (BSF) की बाड़बंदी का काम रुका हुआ है।

इसके अलावा, उन्होंने मदरसा शिक्षा और अल्पसंख्यक विकास के बजट में हुई 1111% की भारी वृद्धि पर भी सवाल उठाए। शुभेंदु ने आरोप लगाया कि तुष्टिकरण की राजनीति के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल की सुरक्षा ही भारत की सुरक्षा है।” 2026 के चुनावों से पहले अधिकारी की यह टिप्पणी सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ते तनाव और राजनीतिक ध्रुवीकरण की ओर इशारा कर रही है।

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