क्या आप भी बड़े चाव से खाते हैं पंगास? जान लीजिए इसके फायदे और छुपे हुए खतरे

मछली बाजार में पंगास मछली अपनी कम कीमत और बिना कांटे के मांस के लिए काफी लोकप्रिय है। लेकिन पिछले कुछ समय से इंटरनेट पर इसे लेकर कई डरावनी बातें कही जा रही हैं। दावा किया जा रहा है कि पंगास में जहर होता है और यह सेहत के लिए खतरनाक है। लेकिन क्या सचमुच यह मछली आपकी जान ले सकती है?

सेहत के लिए कितनी फायदेमंद? विशेषज्ञों के अनुसार, पंगास प्रोटीन का एक बेहतरीन और सस्ता स्रोत है। जो लोग नियमित रूप से अंडा या मांस नहीं खा सकते, उनके लिए यह मांसपेशियों के निर्माण और शरीर की मरम्मत के लिए वरदान है। इसमें ओमेगा-३ फैटी एसिड भी पाया जाता है, जो दिल की सेहत सुधारने और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद आयरन और फास्फोरस हड्डियों को मजबूत बनाते हैं।

विवाद की असली वजह: पंगास को लेकर विवाद इसके पालन के तरीके से जुड़ा है। यह एक फार्मिंग फिश है। ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में कई बार मछलियों को एंटीबायोटिक और रसायनों वाला खाना दिया जाता है। अगर मछली दूषित पानी में पली है, तो इसके सेवन से एलर्जी या पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

कैसे खाएं सुरक्षित पंगास? डरने की जरूरत नहीं है, बस सावधानी जरूरी है। हमेशा भरोसेमंद विक्रेता से ही ताजी मछली खरीदें। मछली को बनाने से पहले अच्छी तरह धोना अनिवार्य है। इसे डीप फ्राई करने के बजाय ग्रेवी या उबले हुए रूप में खाना ज्यादा सेहतमंद होता है। गर्भवती महिलाओं और बच्चों को भी यह मछली दी जा सकती है, बस ध्यान रहे कि यह अच्छी तरह पकी हो। पंगास जहर नहीं है, बस जरूरत है सही चुनाव और सही तरीके से पकाने की।

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