२०२६ विधानसभा से पहले ‘शक्ति परीक्षण’! बंगाल की ৫ राज्यसभा सीटों पर दांव लगाएंगी TMC और BJP

पश्चिम बंगाल में २०२६ के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। आगामी २ अप्रैल को राज्य की ५ राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं, जिनके लिए मार्च में मतदान होने की संभावना है। इसमें तृणमूल कांग्रेस के सुब्रत बख्शी, साकेत गोखले, ऋतब्रत बनर्जी और वामपंथ के विकास रंजन भट्टाचार्य का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इसके अलावा, मौसम बेनजीर नूर के कांग्रेस में शामिल होने के कारण उनकी सीट भी खाली है।
तृणमूल कांग्रेस में इस बार बड़े बदलाव के संकेत हैं। पार्टी सुब्रत बख्शी की जगह किसी युवा या हाल ही में भाजपा छोड़कर आए किसी कद्दावर नेता को मौका दे सकती है। मौसम के जाने से पैदा हुए खालीपन को भरने के लिए किसी बड़े अल्पसंख्यक चेहरे की तलाश जारी है। वहीं भाजपा खेमे में एक सीट पर जीत पक्की है, जिसके लिए मिथुन चक्रवर्ती का नाम सबसे आगे चल रहा है। राहुल सिन्हा और अर्थशास्त्री अशोक लाहिड़ी के नामों पर भी चर्चा गर्म है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन चुनावों के बाद राज्यसभा में बंगाल से वामपंथ का प्रतिनिधित्व खत्म हो सकता है। फिलहाल अंकगणित के हिसाब से ৪ सीटें तृणमूल और ১ सीट भाजपा के खाते में जाने की उम्मीद है। यह चुनाव २०२६ के ‘महायुद्ध’ से पहले दोनों पार्टियों के लिए मनोबल बढ़ाने वाला साबित होगा।