दिल्ली में AI का महासंग्राम! भारत मंडपम में जुटी दुनिया, पीएम मोदी और इमैनुएल मैक्रों तय करेंगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भविष्य

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली का ‘भारत मंडपम’ आज से 20 फरवरी तक अंतरराष्ट्रीय AI Impact Summit की मेजबानी कर रहा है। यह सम्मेलन न केवल भारत के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए मील का पत्थर साबित होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा सहित 45 से अधिक देशों के प्रतिनिधि इस महाकुंभ में हिस्सा ले रहे हैं।
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य “People, Planet, Progress” के मंत्र के साथ AI को मानव कल्याण के लिए इस्तेमाल करना है। भारत दुनिया को यह संदेश देना चाहता है कि वह एआई क्रांति में सिर्फ एक भागीदार नहीं, बल्कि इसके वैश्विक नियमों और नीतियों को बनाने वाला एक प्रमुख स्तंभ है। पांच दिनों तक चलने वाले इस समिट में 700 से अधिक सत्र होंगे, जिनमें एआई सुरक्षा, डेटा संरक्षण और एआई के नैतिक उपयोग पर गहन चर्चा होगी।
माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और ओपनएआई जैसे ग्लोबल टेक दिग्गजों के साथ-साथ भारत के स्टार्टअप्स भी अपनी स्वदेशी भाषाओं के एआई मॉडल और हेल्थ-टेक सॉल्यूशंस का प्रदर्शन करेंगे। भारत का जोर ‘सॉवरेन एआई’ (Sovereign AI) पर है, जिससे देश अपनी कंप्यूट क्षमता और डेटा सुरक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके। आईटी सचिव एस कृष्णन के अनुसार, एआई समावेशी होना चाहिए ताकि समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिल सके।