क्या बिखर रहा है वाम किला? SFI के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी दिया इस्तीफा

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की आहट के बीच सीपीआई(एम) के लिए एक बुरी खबर आई है। पार्टी के युवा और जुझारू चेहरा माने जाने वाले प्रतीक उर रहमान ने सीपीएम की प्राथमिक सदस्यता सहित सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राज्य सचिव मोहम्मद सलीम को पत्र भेजकर सूचित किया कि वह पार्टी के वर्तमान जिला और राज्य नेतृत्व की कार्यप्रणाली के साथ खुद को सामंजस्य बिठाने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं।
प्रतीक उर रहमान न केवल एसएफआई (SFI) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं, बल्कि पिछले लोकसभा चुनाव में डायमंड हार्बर से ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के खिलाफ सीपीएम के उम्मीदवार भी थे। उनके अचानक इस्तीफे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि जिला और राज्य नेतृत्व की कुछ योजनाओं और काम करने के तरीकों के साथ उनका ‘मानसिक द्वंद्व’ चल रहा था, जिसके कारण उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है।
इस घटनाक्रम पर तृणमूल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने सोशल मीडिया पर पत्र साझा करते हुए सीपीएम नेतृत्व पर कटाक्ष किया और कहा कि अयोग्य नेतृत्व के कारण ही युवा नेता पार्टी छोड़ रहे हैं। हालांकि, दक्षिण 24 परगना जिला सीपीएम कमेटी ने आधिकारिक तौर पर पत्र मिलने की पुष्टि नहीं की है। चुनाव से ठीक पहले प्रतीक जैसे सक्रिय नेता का साथ छोड़ना बंगाल में वामपंथियों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।