“दादा” अधीर चौधरी को जिताने के लिए मैदान में उतरेंगे हुमायूं कबीर! ममता और शुभेंदु के खिलाफ भी उम्मीदवार उतारने का ऐलान

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बिसात बिछनी शुरू हो गई है। जनता विकास पार्टी (JUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। सोमवार को कोलकाता में कबीर ने साफ किया कि उनकी पार्टी अब वामपंथियों के साथ गठबंधन नहीं करेगी, बल्कि वे बहरामपुर के पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का पूरा समर्थन करेंगे। कबीर ने अधीर चौधरी को अपना ‘बड़ा भाई’ बताते हुए कहा कि वे जहाँ से भी चुनाव लड़ेंगे, उन्हें जिताने के लिए हुमायूं अपनी पूरी ताकत लगा देंगे।
हुमायूं कबीर ने यह भी स्वीकार किया कि पिछले लोकसभा चुनाव में तृणमूल के लिए काम करना और अधीर चौधरी को हराने में मदद करना उनकी एक बड़ी गलती थी। जानकारों का मानना है कि मुर्शिदाबाद और आसपास के इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए हुमायूं एक बार फिर पुराने रिश्तों को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने सीपीआई(एम) पर निशाना साधते हुए कहा कि सीट बंटवारे पर बात नहीं बनने के कारण उन्होंने खुद गठबंधन की बातचीत खत्म की है।
कबीर ने केवल समर्थन की बात नहीं की, बल्कि एक बड़ी चुनौती भी पेश की है। उन्होंने घोषणा की है कि उनकी पार्टी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और हाल ही में पाला बदलने वाली मौसम नूर जैसी बड़ी हस्तियों के खिलाफ भी अपने उम्मीदवार उतारेगी। 21 फरवरी को हुमायूं कबीर अपनी पार्टी और सहयोगी दलों के उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करेंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि हुमायूं की यह ‘अधीर भक्ति’ और ‘ममता विरोधी’ रणनीति उन्हें आगामी चुनावों में कितना फायदा पहुँचाती है।