प्रतीक-उर रहमान का सीपीएम से इस्तीफा: ‘कैप्टन’ मीनाक्षी मुखर्जी ने तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘कार्यकर्ता का जाना जनता का नुकसान’

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सीपीएम को एक बड़ा झटका लगा है। डायमंड हार्बर से अभिषेक बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले युवा नेता प्रतीक-उर रहमान ने पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सीपीएम की युवा सनसनी मीनाक्षी मुखर्जी ने परिपक्वता दिखाते हुए इसे पार्टी और जनता का नुकसान बताया है।
क्या बोलीं मीनाक्षी? मीनाक्षी मुखर्जी ने कहा, “मैंने फेसबुक पर उनके इस्तीफे के बारे में देखा। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस पर फैसला लेगा।” उन्होंने आगे कहा कि प्रतीक-उर एक जुझारू नेता रहे हैं और बंगाल में हर कार्यकर्ता मजबूती से लड़ रहा है। मीनाक्षी के अनुसार, “यदि एक भी कार्यकर्ता पार्टी छोड़ता है, तो यह हमारा नुकसान है। और हमारा नुकसान मतलब उन मेहनतकश लोगों का नुकसान है जिनके लिए हम लड़ रहे हैं।”
इस्तीफे की वजह और कयास: चर्चा है कि हुमायूं कबीर के साथ सीपीएम के गठबंधन की बातचीत से प्रतीक-उर खुश नहीं थे। सूत्रों का मानना है कि वे जल्द ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, प्रतीक-उर ने फिलहाल इसे ‘पार्टी का आंतरिक मामला’ बताया है। चुनाव से ठीक पहले एक प्रभावशाली अल्पसंख्यक चेहरे का जाना सीपीएम के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।