बंगाल चुनाव से पहले शाह का ‘चाणक्य’ दांव! दिल्ली में शुभेंदु के साथ सीक्रेट मीटिंग, मची खलबली

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही सियासी पारा चढ़ने लगा है। इसी बीच, सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। दिल्ली पहुंचते ही शुभेंदु अधिकारी सीधे अमित शाह के आवास पर पहुंचे, जहाँ दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक गहन चर्चा हुई।
हालांकि, इस मुलाकात के बाद किसी भी नेता ने आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बैठक का मुख्य केंद्र 2026 का विधानसभा चुनाव और बंगाल की मौजूदा कानून व्यवस्था थी। सूत्रों के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल में मतदाता सूची (SIR) में कथित धांधली और फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों के जरिए वोटरों के नाम बढ़ाए जाने की शिकायतों से शाह को अवगत कराया है।
यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पिछले हफ्ते ही सुकांत मजूमदार के आवास पर बंगाल बीजेपी के सांसदों की एक बड़ी बैठक हुई थी। उस बैठक के ठीक बाद शाह और शुभेंदु की आमने-सामने की बातचीत यह संकेत देती है कि बीजेपी नेतृत्व बंगाल के लिए कोई बड़ा फैसला लेने के मूड में है। चर्चा इस बात की भी है कि राज्यसभा चुनाव को लेकर क्या रणनीति होगी। वर्तमान में शमिक भट्टाचार्य राज्यसभा सांसद हैं, लेकिन उन्हें अब प्रदेश अध्यक्ष की संगठनात्मक जिम्मेदारी भी दी गई है। ऐसे में क्या उन्हें दोबारा मौका मिलेगा या किसी नए चेहरे को दिल्ली भेजा जाएगा, इस पर शाह के साथ अंतिम मुहर लग सकती है।
अमित शाह बुधवार को बंगाल के मायापुर दौरे पर आ रहे हैं। पहले कयास लगाए जा रहे थे कि वह बंगाल में ही संगठनात्मक बैठक करेंगे, लेकिन उससे पहले शुभेंदु का दिल्ली जाकर मिलना यह दर्शाता है कि चुनावी ब्लूप्रिंट तैयार हो चुका है। विश्लेषकों का मानना है कि शाह अब अपने बंगाल दौरे के दौरान सीधे जमीनी कार्यकर्ताओं को संदेश देंगे, क्योंकि रणनीतिक फैसले इस बंद कमरे की बैठक में लिए जा चुके हैं।