बंगाल में चुनाव आयोग का हंटर! ४ वरिष्ठ अधिकारियों पर FIR दर्ज, भड़कीं ममता बोलीं- ‘ज्यादा किया तो लगेगा छक्का’

पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग और ममता सरकार के बीच रस्साकशी एक नए स्तर पर पहुंच गई है। मतदाता सूची में गड़बड़ी के गंभीर आरोपों में घिरे ४ प्रशासनिक अधिकारियों (WBCS) के खिलाफ राज्य सरकार ने आखिरकार एफआईआर दर्ज कर ली है। चुनाव आयोग द्वारा मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को दी गई कड़ी चेतावनी और मंगलवार शाम तक की डेडलाइन के बाद यह कार्रवाई की गई है।

क्या है पूरा मामला? पूर्वी मेदनीपुर के मयना और दक्षिण २४ परगना के बारुईपुर पूर्व निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में हेरफेर की शिकायतें मिली थीं। इसमें दो ईआरओ (ERO) और दो एईआरओ (AERO) के नाम शामिल थे। आयोग ने बार-बार एफआईआर का निर्देश दिया, लेकिन राज्य सरकार हिचकिचा रही थी। अंततः आयोग के कड़े रुख के बाद समय सीमा समाप्त होने से पहले ही देवोत्तम दत्त चौधरी, तथागत मंडल, बिप्लव सरकार और सुदीप्त दास के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

ममता बनर्जी की चुनौती: इस कार्रवाई पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को ‘तुगलकी’ करार दिया। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “हम कानून का पालन करेंगे, लेकिन इसकी एक सीमा (Boundary) है। अगर आप सीमा पार करेंगे, तो छक्का खाना पड़ेगा।” उन्होंने अधिकारियों का बचाव करते हुए कहा कि एफआईआर को बहुत गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।

बीजेपी की चेतावनी: भाजपा प्रवक्ता जगन्नाथ चटर्जी ने कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। उन्होंने चेतावनी दी कि डिजिटल फुटप्रिंट सब कुछ रिकॉर्ड कर रहे हैं और लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

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