“बंगाल में बनेगी बीजेपी सरकार!” परिवर्तन यात्रा से पहले निचले स्तर के कार्यकर्ताओं को मिला ‘जीत का मंत्र

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की आहट के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी चुनावी मशीनरी को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। ‘परिवर्तन यात्रा’ शुरू होने से पहले पार्टी का मुख्य फोकस अपने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना है। मंगलवार को कोलकाता में हुई एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक में राज्य और केंद्रीय नेतृत्व ने साफ कर दिया कि चुनाव जीतने के लिए सबसे पहले कार्यकर्ताओं के मन से हार का डर निकालना जरूरी है।
नेताओं का कड़ा निर्देश: सुनील बंसल, भूपेंद्र यादव और शमिक भट्टाचार्य जैसे दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में हुई इस बैठक में जिला पदाधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिया गया है। पार्टी का मानना है कि यदि कार्यकर्ता खुद आश्वस्त नहीं होंगे, तो वे जनता को कैसे समझाएंगे। कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे जनता के बीच जाकर पूरे आत्मविश्वास के साथ कहें— “बंगाल में तृणमूल का पतन तय है और भाजपा सरकार बनाने जा रही है।”
जमीनी कार्यकर्ताओं पर फोकस: बीजेपी के लिए सबसे बड़ी चुनौती निचले स्तर के कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरना है। केंद्रीय नेतृत्व चाहता है कि कार्यकर्ता घर-घर जाकर यह संदेश फैलाएं कि परिवर्तन होकर रहेगा। ‘परिवर्तन यात्रा’ को सफल बनाने के लिए यह तय किया गया है कि कार्यकर्ता रक्षात्मक होने के बजाय आक्रामक रुख अपनाएं।
परिवर्तन यात्रा की रणनीति: होली के बाद शुरू होने वाली इस भव्य यात्रा से पहले हर मतदाता तक पहुंचना पार्टी का लक्ष्य है। केंद्रीय नेताओं ने मंचों से पहले ही दावा करना शुरू कर दिया है कि बंगाल में बदलाव की लहर चल पड़ी है। अब इसी दावे को जमीनी हकीकत में बदलने के लिए बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को ‘टॉनिक’ दिया गया है। भाजपा का मानना है कि कार्यकर्ताओं का अडिग आत्मविश्वास ही नवान्न (सचिवालय) तक पहुंचने का रास्ता साफ करेगा।