क्या आप भी बनना चाहते हैं विधायक? 2026 चुनाव में पर्चा भरने से पहले जान लें ये जरूरी नियम!

पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने वाला है। राज्य की राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और निर्वाचन आयोग जल्द ही चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या एक आम आदमी भी विधायक का चुनाव लड़ सकता है? जवाब है—हाँ! भारतीय लोकतंत्र हर नागरिक को चुनाव लड़ने का अधिकार देता है, बशर्ते वह चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करता हो।
कौन लड़ सकता है चुनाव? विधायक (MLA) बनने के लिए सबसे पहली शर्त यह है कि व्यक्ति भारत का नागरिक हो। उसकी आयु कम से कम 25 वर्ष होनी चाहिए। उम्मीदवार का नाम मतदाता सूची (Voter List) में होना अनिवार्य है। यहाँ एक दिलचस्प नियम यह है कि आप जिस निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहते हैं, जरूरी नहीं कि आप वहीं के मतदाता हों। आप राज्य के किसी भी निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता होकर किसी भी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि, उम्मीदवार को मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए और उसे किसी भी सक्षम अदालत द्वारा ‘दिवालिया’ घोषित नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा, यदि किसी व्यक्ति को किसी गंभीर अपराध में 2 साल या उससे अधिक की सजा हुई है, तो वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माना जाता है।
नामांकन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज: चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवारों को नामांकन पत्र (Nomination Paper) भरना होता है। इसके साथ ही एक शपथ पत्र (Affidavit – Form 26) देना होता है, जिसमें उम्मीदवार को अपनी संपत्ति, देनदारियों, शैक्षिक योग्यता और आपराधिक रिकॉर्ड (यदि कोई हो) का पूरा विवरण देना होता है। यदि आप किसी मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं, तो आपको केवल एक प्रस्तावक (Proposer) की आवश्यकता होती है। लेकिन, यदि आप निर्दलीय (Independent) उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं, तो विधानसभा चुनाव के लिए उस क्षेत्र के कम से कम 10 पंजीकृत मतदाताओं का प्रस्तावक के रूप में समर्थन जरूरी है।
जमानत राशि और सीटें: नामांकन के दौरान एक निश्चित ‘जमानत राशि’ जमा करनी पड़ती है। विधानसभा चुनाव के लिए सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए यह राशि 10,000 रुपये है, जबकि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के उम्मीदवारों के लिए यह राशि 5,000 रुपये निर्धारित है। यदि उम्मीदवार को कुल वैध वोटों का 1/6 हिस्सा नहीं मिलता, तो उसकी यह राशि जब्त कर ली जाती है। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 33 (7) के अनुसार, एक उम्मीदवार अधिकतम दो सीटों से चुनाव लड़ सकता है। चुनाव आयोग ने अब ‘सुविधा’ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन नामांकन की प्रक्रिया को भी आसान बना दिया है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।