‘मैं यहां गृहमंत्री नहीं, चैतन्य महाप्रभु का भक्त हूं’; मायापुर में अमित शाह ने दिया मोदी का ‘हरे कृष्ण’ संदेश!

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बुधवार को पश्चिम बंगाल के मायापुर में भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। इस्कॉन मंदिर में भक्ति सिद्धांत सरस्वती ठाकुर की १५२वीं जयंती के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में शाह ने कहा कि वह यहां देश के गृहमंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि श्री चैतन्य महाप्रभु के एक विनम्र भक्त के रूप में आए हैं। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत ‘हरे कृष्ण’ के जयघोष के साथ की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष संदेश भी साधु-संतों तक पहुंचाया।
शाह ने खुलासा किया कि दिल्ली से रवाना होने से पहले उनकी प्रधानमंत्री मोदी से बात हुई थी। उन्होंने कहा, “जब मैंने प्रधानमंत्री को बताया कि मैं मायापुर जा रहा हूं, तो उन्होंने विशेष रूप से आप सभी भक्तों के लिए हृदय से ‘हरे कृष्ण’ संदेश भेजा है।” गृहमंत्री ने भक्ति आंदोलन की सराहना करते हुए कहा कि चैतन्य महाप्रभु ने अज्ञानता के अंधकार को मिटाने का जो कार्य शुरू किया था, उसे इस्कॉन ने पूरी दुनिया में आधुनिक रूप में फैलाया है।
अपने संबोधन में अमित शाह ने सनातन धर्म और आधुनिकता के बीच गहरा संबंध बताया। उन्होंने मतुआ समुदाय के धर्मगुरुओं, हरिचांद ठाकुर और गुरुचांद ठाकुर का उल्लेख करते हुए बंगाल की सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का प्रयास किया। शाह ने विश्वास जताया कि साल २०४७ तक भारत न केवल विकसित राष्ट्र बनेगा, बल्कि सनातन धर्म का संदेश भी पूरी दुनिया को शांति और भक्ति का मार्ग दिखाएगा। इस कार्यक्रम में उनके साथ शुभेंदु अधिकारी और सुकांत मजूमदार जैसे वरिष्ठ भाजपा नेता भी उपस्थित थे। राजनीतिक गलियारों में शाह के इस दौरे को बंगाल में सांस्कृतिक और धार्मिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।