शेयर बाजार में हाहाकार! मात्र ६ घंटे में स्वाहा हुए ६ लाख करोड़ रुपये, निवेशकों में मची खलबली

भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार का दिन किसी काले सपने से कम नहीं रहा। शुरुआती बढ़त को खोते हुए बाजार दोपहर तक पूरी तरह से क्रैश हो गया। सेंसेक्स में लगभग ११०० अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफटी अपने दिन के निचले स्तर २५,५६७.७५ पर आ गया। इस गिरावट के कारण महज ६ घंटे के भीतर निवेशकों को ६ लाख करोड़ रुपये की भारी चपत लगी है। बाजार की इस बिकवाली ने मिड-कैप और स्मॉल-कैप कंपनियों को सबसे ज्यादा चोट पहुंचाई है।
बाजार में इस कोहराम के पीछे मुख्य रूप से ‘प्रॉफिट बुकिंग’ और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें जिम्मेदार मानी जा रही हैं। पिछले तीन सत्रों में बाजार में तेजी थी, जिसका फायदा उठाकर निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली शुरू कर दी। वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड ७० डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है, जिससे भारत जैसे आयात निर्भर देश के लिए महंगाई का खतरा बढ़ गया है।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी और फार्मा को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। बैंकिंग शेयरों में भारी गिरावट देखी गई, जिसमें कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक और इंडसइंड बैंक के शेयर १.८ प्रतिशत तक टूट गए। रियल्टी और एफएमसीजी सेक्टर में भी बिकवाली का भारी दबाव रहा। बीएसई का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन ४७२ लाख करोड़ से घटकर ४६६ लाख करोड़ रुपये पर आ गया है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक वैश्विक भू-राजनीतिक हालात सामान्य नहीं होते, बाजार में ऐसी अस्थिरता बनी रह सकती है।