एसएससी की लापरवाही पर कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त! तबादले के आदेश पर जस्टिस अमृता सिन्हा ने लगाई फटकार

कलकत्ता हाईकोर्ट ने बिना जानकारी सत्यापित किए तबादले का आदेश जारी करने के लिए स्कूल सर्विस कमीशन (SSC) की कड़ी आलोचना की है। बीरभूम के निवासी पार्थसारथी दोलुई के मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस अमृता सिन्हा ने एसएससी की इस हरकत को ‘मनमाना’ करार दिया।

क्या है मामला? पार्थसारथी, जो ग्रुप डी कर्मचारी हैं, ने अपनी और अपनी पत्नी की बीमारी के कारण घर के पास तबादले की गुहार लगाई थी। एसएससी ने उन्हें एक स्कूल आवंटित किया, लेकिन वहां पहुंचने पर पता चला कि कोई पद खाली ही नहीं है। हाईकोर्ट ने हैरानी जताते हुए पूछा कि बिना रिक्ति की जांच किए ट्रांसफर ऑर्डर कैसे जारी हो गया? अदालत ने एसएससी को निर्देश दिया है कि वह जल्द से जल्द किसी ऐसे स्कूल में उनका तबादला सुनिश्चित करे जहां वास्तव में पद खाली हो।

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