मिडल ईस्ट में शांति के लिए ट्रंप का ‘मास्टरस्ट्रोक’, भारत की एंट्री से दुनिया हैरान!

मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे तनाव को खत्म करने और गाजा में शांति बहाली के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी पहल ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace) में भारत औपचारिक रूप से शामिल हो गया है। गुरुवार को वाशिंगटन में आयोजित इस बोर्ड की पहली बैठक में भारत ने ‘पर्यवेक्षक’ (Observer) देश के रूप में शिरकत की। वाशिंगटन में भारतीय दूतावास की ‘चार्ज द अफेयर्स’ (Cd’A) नमग्या चोडेन खंपा ने इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
इस बोर्ड की घोषणा ट्रंप ने 22 जनवरी को दावोस में की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य गाजा में दीर्घकालिक स्थिरता और युद्धग्रस्त क्षेत्रों का पुनर्निर्माण सुनिश्चित करना है। शुरुआत में भारत इस पहल को लेकर थोड़ा झिझक रहा था, लेकिन गुरुवार की बैठक में उपस्थिति ने साफ कर दिया कि मोदी सरकार इस वैश्विक शांति प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार है। बैठक में इजरायल, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब और तुर्की जैसे 27 पूर्ण सदस्यों सहित लगभग 50 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। ट्रंप ने यहाँ तक दावा किया है कि यह बोर्ड भविष्य में संयुक्त राष्ट्र (UN) के विकल्प के रूप में भी काम कर सकता है।
वाशिंगटन की इस बैठक में भारतीय चेहरे के रूप में नमग्या सी खंपा ने सबका ध्यान खींचा। 2000 बैच की आईएफएस (IFS) अधिकारी नमग्या के पास चीन, नेपाल, केन्या और सोमालिया जैसे देशों में काम करने का व्यापक अनुभव है। वे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि गाजा में इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम और पुनर्निर्माण में भारत की यह भागीदारी वैश्विक कूटनीति में नई दिल्ली के बढ़ते कद को दर्शाती है।