ममता सरकार को सुप्रीम कोर्ट का बड़ा झटका! 31 मार्च तक बकाया DA भुगतान का आदेश, होली से पहले खुशियां

पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब राज्य सरकार डीए (DA) के भुगतान को और नहीं टाल सकेगी। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि 31 मार्च तक कर्मचारियों को उनके बकाया एरियर का एक बड़ा हिस्सा मिल जाना चाहिए। इस फैसले से राज्य के करीब 20 लाख वर्तमान और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की बेंच ने कहा कि महंगाई भत्ता कोई ‘दान’ नहीं बल्कि कर्मचारियों का कानूनी अधिकार है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि चालू वित्त वर्ष खत्म होने से पहले कुल बकाया का 25 प्रतिशत भुगतान करना होगा, जिसकी पहली किस्त 6 मार्च तक कर्मचारियों के खातों में पहुंच जानी चाहिए। बाकी 75 प्रतिशत राशि के भुगतान के लिए पूर्व न्यायाधीश इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि राज्य में 6 लाख से अधिक पद खाली होने के कारण सरकार के पास पर्याप्त फंड बच रहा है, जिससे यह भुगतान आसानी से किया जा सकता है। हालांकि राज्य सरकार ने वित्तीय संकट का हवाला दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। अब सरकार को 15 अप्रैल तक कोर्ट में अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) पेश करनी होगी। कुल मिलाकर, मार्च का महीना बंगाल के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी आर्थिक सौगात लेकर आने वाला है।