बंगाल वोटर लिस्ट पर गहराया संकट! ८ दिन बचे और लाखों फॉर्म पेंडिंग, क्या फिर बढ़ेगी तारीख?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन (SIR) की प्रक्रिया में भारी पेचीदगियां सामने आ रही हैं। आयोग द्वारा २৮ फरवरी को अंतिम सूची जारी करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन पेंडिंग काम की लंबी फेहरिस्त ने इस पर सवालिया निशान लगा दिया है। कल यानी २১ फरवरी को दस्तावेजों के निपटारे की आखिरी तारीख है, लेकिन अभी भी लाखों मतदाताओं का भाग्य अधर में लटका है।

६৯ लाख मतदाताओं पर गिर सकती है गाज: मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के सूत्रों के अनुसार, करीब ৪.৪৫ लाख मतदाताओं को पहले ही ‘अयोग्य’ माना जा चुका है क्योंकि उनके दस्तावेज सही नहीं थे। इसके अलावा, करीब ৫ लाख लोग नोटिस मिलने के बावजूद सुनवाई में शामिल नहीं हुए। यदि इसमें पहले हटाए गए ৫৮ लाख नामों को जोड़ दिया जाए, तो कुल आंकड़ा ६৯ लाख तक पहुंच सकता है।

काम का भारी बोझ: वर्तमान स्थिति यह है कि ৪.৬৬ लाख फॉर्म अभी भी जांच के दायरे में हैं। ३০ लाख फॉर्म दोबारा जांच के लिए भेजे गए हैं और २० लाख मतदाताओं की जानकारी पर अधिकारी अभी तक किसी ठोस निर्णय पर नहीं पहुंच पाए हैं। महज ৮ दिनों के भीतर इस विशाल कार्य को पूरा करना चुनाव आयोग के लिए अग्निपरीक्षा के समान है।

क्या बढ़ेगी अंतिम तारीख? सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद अब न्यायिक अधिकारी भी इस प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। यदि २৮ फरवरी तक काम पूरा नहीं होता है, तो राज्य चुनाव आयोग को दिल्ली स्थित केंद्रीय चुनाव आयोग से समय बढ़ाने की गुहार लगानी पड़ेगी। चुनाव से ठीक पहले वोटर लिस्ट में हो रही यह देरी राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू कर सकती है।

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