कोलकाता अग्निकांड: 16 परिवारों को सौंपे गए ‘पैकेटबंद’ अवशेष, 9 की पहचान अब भी पहेली?

25 जनवरी की वो काली रात कोलकाता के आनंदपुर स्थित नाजीरावाद के परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला जख्म दे गई। ‘वाओ मोमो’ और एक अन्य गोदाम में लगी भीषण आग में 27 कर्मियों की दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना के लगभग एक महीने बाद, शनिवार को मृतकों के अवशेषों को उनके परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू हुई। पुलिस के अनुसार, अब तक 18 शवों की पहचान हो पाई है, जिनमें से 16 को उनके परिवारों को सौंप दिया गया है। 2 शवों को कुछ तकनीकी कारणों से रोका गया है, जबकि 9 की पहचान अभी बाकी है।

शनिवार को कांटापुकुर मुर्दाघर के बाहर दिल दहला देने वाला मंजर था। परिजन इस उम्मीद में कतार लगाए खड़े थे कि शायद उन्हें अपने बेटे या भाई का अंतिम दर्शन करने को मिले, लेकिन उन्हें मिले तो सिर्फ पैकेट में लिपटे अवशेष। इस मामले में पुलिस ने पहले ही अवैध रूप से गोदाम चलाने वाले मालिक गंगाधर दास को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि इन गोदामों में आग बुझाने का कोई इंतजाम नहीं था और इन्हें वेटलैंड (जलाभूमि) भरकर अवैध तरीके से बनाया गया था।

मुआवजे को लेकर भी राजनीति गरमाई हुई है। मेयर फिरहाद हकीम और प्रधानमंत्री कार्यालय ने आर्थिक मदद का ऐलान किया था, लेकिन कई परिवारों का आरोप है कि अभी तक उन्हें सरकारी मदद नहीं मिली है। पहचान न हो पाने के कारण 9 परिवार अब भी डीएनए रिपोर्ट और अवशेषों के इंतजार में मर्चरी के चक्कर काट रहे हैं।

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