बासंती पूजा 2026: चैत्र नवरात्रि का पूरा शेड्यूल जारी! जानें संधि पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, बसंत ऋतु में होने वाली दुर्गा पूजा ही देवी की असली आराधना का समय है। साल 2026 की बासंती पूजा (चैत्र नवरात्रि) की तिथियाँ घोषित हो गई हैं। ज्योतिष गणना के अनुसार, इस साल माँ दुर्गा का आगमन और प्रस्थान दोनों घोड़े (घोटक) पर हो रहा है, जिसे शास्त्रों में उथल-पुथल या युद्ध का संकेत माना जाता है।

बासंती पूजा 2026 की मुख्य तिथियाँ:

  • महाषष्ठी (24 मार्च): देवी का बोधन और आमंत्रण।
  • महासप्तमी (25 मार्च): नवपत्रिका स्नान और सप्तमी पूजा।
  • महाअष्टमी (26 मार्च): इस दिन की सबसे महत्वपूर्ण संधि पूजा दोपहर 2:06 बजे से दोपहर 2:54 बजे तक होगी।
  • महानवमी (27 मार्च): नवमी पूजा और हवन।
  • विजयादशमी (28 मार्च): प्रतिमा विसर्जन और सिंदूर खेला।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, राजा सुरथ ने अपना खोया हुआ राज्य वापस पाने के लिए सबसे पहले इसी समय माँ दुर्गा की पूजा की थी। बंगाल के कई राजघरानों और पुराने घरों में आज भी बासंती पुलाव के भोग के साथ यह पारंपरिक पूजा अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाई जाती है।

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