महंगे माउथवॉश को कहें अलविदा; घर पर बनाएं अर्जुन की छाल का काढ़ा और पाएं दांतों की मजबूती!

दांतों की सड़न और मसूड़ों की समस्याओं से परेशान लोगों के लिए आयुर्वेद में एक बेहद सरल और प्रभावी उपाय बताया गया है। गाजीपुर के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) में हुए एक प्रदर्शन के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि अर्जुन के पेड़ की छाल दांतों और मसूड़ों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

कैसे काम करती है अर्जुन की छाल? आयुर्वेदिक डॉक्टर हर्ष वर्धन के अनुसार, अर्जुन की छाल में ‘एस्ट्रिंजेंट’ गुण होते हैं जो ढीले मसूड़ों को कसने में मदद करते हैं। इसमें मौजूद टैनिन और फ्लेवोनोइड्स मुंह के हानिकारक कीटाणुओं को नष्ट करते हैं और सूजन को कम करते हैं।

उपयोग करने की विधि: ताजी अर्जुन की छाल को धोकर छोटे टुकड़ों में काट लें। इसे पानी में थोड़ा नमक डालकर अच्छी तरह उबाल लें। जब पानी हल्का गुनगुना रह जाए, तो इससे कुल्ला (Gargle) करें। 2-3 दिनों तक नियमित उपयोग से पायरिया और मसूड़ों की सूजन में काफी आराम मिलता है। यह एक हर्बल माउथवॉश की तरह काम करता है जो दांतों के इनेमल की भी सुरक्षा करता है।

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