राशन घोटाले पर लगाम! सरकारी गोदामों में अचानक छापा मारेगा खाद्य विभाग

पश्चिम बंगाल खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। राज्य के सभी सरकारी गोदामों में रखे अनाज के वास्तविक स्टॉक की जांच के लिए विभाग अब ‘फिजिकल वेरिफिकेशन’ (भौतिक सत्यापन) करेगा। विभाग को संदेह है कि सरकारी आंकड़ों और गोदामों में मौजूद अनाज की वास्तविक मात्रा में अंतर हो सकता है, जिसे दूर करने के लिए यह कड़ा कदम उठाया गया है।
जांच की अनूठी प्रक्रिया: पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने एक अनूठी रणनीति अपनाई है। एक जिले के गोदामों की जांच दूसरे जिले के अधिकारी करेंगे, ताकि स्थानीय स्तर पर कोई मिलीभगत न हो सके। इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी बोरियों की गिनती करेंगे और रैंडम तरीके से चावल की बोरियों का वजन भी करेंगे। यदि ऑनलाइन पोर्टल के डेटा और वास्तविक स्टॉक में कोई विसंगति पाई जाती है, तो तत्काल रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
डिजिटल निगरानी: जांच के बाद सभी रिपोर्ट जिला खाद्य नियंत्रक (DCF&S) द्वारा सीधे विभाग के पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। इस पूरे अभियान की निगरानी के लिए निदेशालय से हर जिले के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। हालांकि अभियान की सटीक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि गड़बड़ी करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।