‘लक्ष्मी भंडार सिर्फ एक जुर्माना है!’ मोहम्मद सलीम ने ममता सरकार पर साधा निशाना, वामदलों का नया दांव

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव २०२६ से पहले सीपीआईएम के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने राज्य की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना पर तीखा हमला बोला है। सलीम ने कहा कि यह योजना महिलाओं के असली अधिकारों और रोजगार की कमी को छिपाने की एक कोशिश है। उनके अनुसार, “तृणमूल नेताओं के घर से जो पैसे बरामद हुए हैं, वही असली भंडार है जिसे जनता से लूटा गया है।”
आत्मनिर्भरता पर जोर: मोहम्मद सलीम ने साफ किया कि वामपंथी सरकार आने पर वे महिलाओं को लक्ष्मी भंडार से भी अधिक लाभ दे पाएंगे क्योंकि वे भ्रष्टाचार को रोकेंगे। हालांकि, उन्होंने किसी निश्चित राशि (Amount) का खुलासा नहीं किया। उन्होंने केरल के ‘कुदुम्बश्री’ मॉडल का उदाहरण देते हुए कहा कि महिलाओं को केवल भत्ता नहीं, बल्कि स्वावलंबन चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि आगामी चुनावों में वामदल बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवारों को मौका देंगे।
चुनावी रणनीति: लेफ्ट फ्रंट १ मार्च से अपना चुनाव प्रचार तेज करेगा और ८ मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राज्य से भाजपा और तृणमूल को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया जाएगा। सलीम ने आरोप लगाया कि कन्याश्री जैसी योजनाओं के बावजूद राज्य में महिलाओं की तस्करी और ड्रॉप-आउट दर बढ़ रही है, जिसका जवाब जनता २०२६ में देगी।