ट्रंप के 10% टैरिफ से बढ़ा तनाव! भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर लगा ब्रेक

भारत और अमेरिका के बीच होने वाले मेगा ट्रेड डील (Trade Deal) पर फिलहाल काले बादल मंडरा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए 10 प्रतिशत के नए वैश्विक आयात शुल्क (Global Tariff) के बाद दोनों देशों के बीच होने वाली उच्च स्तरीय वार्ता को टाल दिया गया है। वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्ष वर्तमान स्थिति का बारीकी से विश्लेषण करने के लिए कुछ और समय चाहते हैं।

बैठक टलने की मुख्य वजह: भारतीय मुख्य वार्ताकार और उनकी टीम को अगले कुछ दिनों में वाशिंगटन डीसी का दौरा करना था, लेकिन रविवार को इसे स्थगित कर दिया गया। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया फैसले ने ट्रंप प्रशासन को अपनी शुल्क नीतियों में बदलाव के लिए मजबूर किया है, जिसका सीधा असर भारत पर पड़ने वाला है। भारतीय वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वे ट्रंप के नए आदेशों के प्रभाव का अध्ययन कर रहे हैं।

क्या है 10% शुल्क का गणित? अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ट्रंप की पुरानी टैरिफ नीतियों को अवैध करार दिया था। कोर्ट ने कहा कि सरकार ने अपनी कानूनी शक्तियों का उल्लंघन किया है। इसके जवाब में राष्ट्रपति ट्रंप ने 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 का उपयोग करते हुए कार्यकारी आदेश जारी कर दिया। इसके तहत अब अमेरिका में आयात होने वाले सामान पर 10% की दर से शुल्क लगेगा। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि भारत को भी यह टैक्स चुकाना होगा।

भारत की चिंता और रूस का फैक्टर: भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक विवाद की एक बड़ी वजह रूस से कच्चे तेल का आयात भी है। अमेरिकी आपत्तियों के बावजूद भारत रूस से तेल खरीद रहा है। हालांकि, 7 फरवरी को दोनों देश एक अंतरिम समझौते पर सहमत हुए थे, लेकिन अब 10% अतिरिक्त शुल्क ने पूरी बातचीत को अधर में लटका दिया है। मोदी सरकार फिलहाल इस पर चुप्पी साधे हुए है और अमेरिकी प्रशासन के अगले कदम का इंतजार कर रही है।

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