ट्रंप की नई चाल! भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता टली, क्या भारतीय उत्पादों पर लगेगा 50% टैक्स?

भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में एक बार फिर अनिश्चितता का माहौल बन गया है। वाशिंगटन में 23 फरवरी से प्रस्तावित ‘चीफ नेगोशिएटर’ स्तर की बैठक को फिलहाल टाल दिया गया है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौते (Trade Deal) के मसौदे को अंतिम रूप देना था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई शुल्क नीति ने बातचीत पर ब्रेक लगा दिया है।
ट्रंप बनाम सुप्रीम कोर्ट: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ट्रंप प्रशासन द्वारा विभिन्न देशों पर लगाए गए आयात शुल्क को अवैध करार दिया था। कोर्ट के इस झटके के बाद, ट्रंप ने शनिवार को घोषणा की कि वह सभी देशों पर अब 15 प्रतिशत वैश्विक शुल्क लगाएंगे। पहले यह दर 10 प्रतिशत तय की गई थी। ट्रंप का यह नया आदेश 24 फरवरी से प्रभावी होना है, जिसके चलते भारत ने फिलहाल अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने का फैसला किया है।
भारत पर क्या होगा असर? भारत पहले से ही अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ का सामना कर रहा है। अगस्त 2025 में अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 25% शुल्क लगाया था। रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण 25% अतिरिक्त पेनल्टी भी जोड़ी गई, जिससे कुल शुल्क 50% तक पहुँच गया था। हालांकि, बातचीत के बाद इसे 18% तक लाने का समझौता हुआ था, लेकिन अब ट्रंप के नए 15% टैक्स के बाद भारतीय निर्यातकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
व्यापारिक संबंधों पर प्रभाव: विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कोई भारतीय उत्पाद वर्तमान में 5% शुल्क के दायरे में है, तो ट्रंप के नए आदेश के बाद उसे 20% टैक्स देना होगा। इससे अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान महंगा हो जाएगा। फिलहाल, भारतीय वाणिज्य मंत्रालय स्थिति का विश्लेषण कर रहा है और जल्द ही बातचीत की नई तारीखों का ऐलान किया जा सकता है।