वोटर लिस्ट में धांधली रोकने के लिए २५० जज मैदान में! जानें कैसे होगी SIR दस्तावेजों की जांच?

पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव से पहले मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग और कोलकाता हाई कोर्ट ने हाथ मिलाया है। अब मतदाताओं के SIR (स्पेशल इन्क्लूजन) दस्तावेजों की जांच न्यायिक निगरानी में होगी। इस कार्य के लिए २५० अतिरिक्त जिला न्यायाधीशों और उनके समकक्ष अधिकारियों को तैनात किया गया है।
कैसे होगी जांच प्रक्रिया? कोलकाता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पाल के नेतृत्व में तैयार रूपरेखा के अनुसार, यह प्रक्रिया ४ प्रमुख चरणों में पूरी होगी:
- स्टेप १: जजों को एक विशेष लॉगिन आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा। चुनाव आयोग के पोर्टल पर ओटीपी के जरिए लॉगिन करना अनिवार्य होगा।
- स्टेप २: लॉगिन के बाद जज अपने संबंधित जिले, विधानसभा और बूथ का चयन करेंगे, जहां मतदाताओं की सूची क्रमानुसार दिखाई देगी।
- स्टेप ३: प्रत्येक नाम के साथ दो विकल्प होंगे। जज यह देख सकेंगे कि मतदाता ने क्या दस्तावेज जमा किए हैं और बीएलओ (BLO) या माइक्रो ऑब्जर्वर की उस पर क्या राय है।
- स्टेप ४: अंत में जज दस्तावेजों की प्रमाणिकता के आधार पर आवेदन को ‘स्वीकार’ या ‘अस्वीकार’ करेंगे। फैसले का ठोस कारण भी पोर्टल पर दर्ज करना होगा।
सुरक्षा और गोपनीयता: सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों के अनुसार, यह पूरी सूची और जांच प्रक्रिया आंतरिक रहेगी और इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए १ मार्च से केंद्रीय बलों की ४८० कंपनियां दो चरणों में बंगाल पहुंच रही हैं। हाई कोर्ट की दो सदस्यीय समिति इस पूरी न्यायिक जांच पर नजर रखेगी।