कालिम्पोंग का ‘गुप्त स्वर्ग’! क्या आपने देखा है बादलों के बीच छिपा यह खूबसूरत गांव ‘काश्येम’?

गर्मियों की छुट्टियां हों या फिर किसी लंबे वीकेंड का सुकून, हम अक्सर पहाड़ों की ओर रुख करते हैं। लेकिन अगर आप दार्जिलिंग या कालिम्पोंग की भीड़भाड़ से ऊब चुके हैं, तो उत्तर बंगाल का एक छोटा सा गांव ‘काश्येम’ (Kasyem) आपके लिए किसी सपने से कम नहीं होगा। कालिम्पोंग से महज 24 किलोमीटर की दूरी पर बसा यह गांव आधुनिक दुनिया के शोर-शराबे से कोसों दूर, शांति और सुकून की गोद में सोया हुआ है।

प्रकृति का अद्भुत स्पर्श काश्येम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सादगी और प्राकृतिक सुंदरता है। यहाँ पहुँचते ही आपको ऐसा लगेगा जैसे आप किसी दूसरी दुनिया में आ गए हों। यहाँ के ऊँचे-ऊँचे पाइन और फर के पेड़, चारों ओर फैली हरियाली और पहाड़ी ढलानों पर खिले रंग-बिरंगे फूल किसी का भी मन मोह सकते हैं। काश्येम में इंसानों की तुलना में तितलियों और पक्षियों की चहचहाहट अधिक सुनने को मिलती है। यह स्थान उन लोगों के लिए बेहतरीन उदाहरण है जो ‘स्लो लिविंग’ या धीमी जीवनशैली का आनंद लेना चाहते हैं।

कंचनजंगा का जादुई नजारा काश्येम की आत्मा कंचनजंगा में बसती है। यहाँ के होमस्टे की बालकनी में बैठकर आप सुबह, दोपहर और शाम को पहाड़ों के बदलते रंगों का जादू देख सकते हैं। सुबह के समय जब सूरज की पहली किरण कंचनजंगा की चोटियों को चूमती है, तो पूरा पहाड़ सुनहरे रंग में नहा जाता है। यह नजारा इतना दिव्य होता है कि आप अपनी नजरें नहीं हटा पाएंगे।

घूमने की जगहें और गतिविधियाँ काश्येम के आसपास घूमने के लिए कई आकर्षक स्थान हैं। यहाँ ब्रिटिश काल का एक पुराना चर्च है जो अपनी वास्तुकला के लिए जाना जाता है। इसके अलावा, एक परित्यक्त सिंकोना कारखाना (Cinchona Factory) भी है जो अतीत की कहानियाँ सुनाता है। अगर आप रोमांच पसंद करते हैं, तो जंगली रास्तों से होते हुए ‘रामिताडाड़ा व्यू पॉइंट’ (Ramitadara View Point) तक जा सकते हैं, जहाँ से पूरी घाटी का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। हिमालई पार्क में रंगीन फूलों के बीच समय बिताना और पहाड़ों से गिरते झरनों के ठंडे पानी में पैर डुबोकर बैठना एक अलग ही शांति प्रदान करता है।

कैसे पहुँचें और कब जाएँ? काश्येम पहुँचने के लिए सबसे आसान तरीका सिलीगुड़ी या न्यू जलपाईगुड़ी (NJP) तक ट्रेन या बस से आना है। वहां से आप किराए की कार लेकर सीधे काश्येम पहुँच सकते हैं। कालिम्पोंग होते हुए भी यहाँ पहुँचा जा सकता है। वैसे तो यहाँ साल भर मौसम सुहावना रहता है, लेकिन अक्टूबर से मार्च के बीच का समय सबसे उपयुक्त है। इस दौरान आसमान साफ रहता है और हिमालय की चोटियाँ स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं।

अगर आप इस बार कुछ हटकर और शांत जगह की तलाश में हैं, तो काश्येम आपका इंतज़ार कर रहा है। अपनी डायरी में इस ऑफबीट डेस्टिनेशन का नाम लिख लीजिए और प्रकृति के बीच खो जाने के लिए तैयार हो जाइए।

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