सरकारी अस्पतालों की ‘फायर सेफ्टी’ रिपोर्ट में फर्जीवाड़ा! स्वास्थ्य विभाग ने दी ७ दिन की चेतावनी

पश्चिम बंगाल के सरकारी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) के इंतजामों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। अस्पतालों द्वारा फायर सेफ्टी ऑडिट में लापरवाही बरतने और गलत जानकारी देने की शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों और मुख्य स्वास्थ्य अधिकारियों (CMOH) को कड़ी चेतावनी जारी की है।

जांच में यह पाया गया है कि कई अस्पतालों की निरीक्षण रिपोर्ट और स्वास्थ्य भवन को भेजी गई जानकारी में काफी अंतर है। कुछ अस्पतालों ने तो निरीक्षण की तारीखों तक में हेरफेर की है। स्वास्थ्य भवन के अवलोकन के अनुसार, राज्य के कई सरकारी अस्पतालों के पास पूर्ण ‘फायर सेफ्टी क्लियरेंस’ नहीं है। विशेष रूप से पुरानी और भीड़भाड़ वाली इमारतों में सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कई मामलों में अस्पताल की एक बिल्डिंग पास है तो दूसरी फेल।

स्वास्थ्य विभाग की एडमिनिस्ट्रेशन ब्रांच ने निर्देश दिया है कि अगले ७ दिनों के भीतर नए सिरे से निरीक्षण कर वास्तविक रिपोर्ट सौंपी जाए। यदि निर्धारित समय के भीतर रिपोर्ट जमा नहीं की जाती है, तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला ऐसे समय में गरमाया है जब सोमवार सुबह कोलकाता के पॉश ‘अर्बाना कॉम्प्लेक्स’ के टावर ८ की पांचवीं मंजिल पर आग लग गई। हालांकि, वहां आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन जनवरी में इसी इलाके के गोदामों में लगी आग में ३० से ज्यादा लोगों की मौत की घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया था। ऐसे में अस्पतालों जैसी संवेदनशील जगहों पर फायर सेफ्टी को लेकर बरती जा रही यह लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

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