“जनता, विवेक और ईश्वर की अदालत में मैं निर्दोष”, यूपी पुलिस की कार्रवाई के बीच बोले शंकराचार्य

यौन शोषण और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत आरोपों का सामना कर रहे स्वामी अविमुक्তেশ্বরानंद सरस्वती को गिरफ्तार करने सोमवार सुबह उत्तर प्रदेश पुलिस उनके वाराणसी आवास पर पहुंची। इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अविमुक्तेश्वरानंद ने इसे सरकार की सोची-समझी ‘रणनीति’ करार दिया। उनका दावा है कि गौ-हत्या निषेध की मांग को दबाने के लिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, “सरकार शंकराचार्यों पर हमला कर रही है। सत्य कभी नष्ट नहीं होता। गौ-रक्षा का आंदोलन और तेज होगा और लोग इस तरह के हथकंडों से विचलित नहीं होंगे।” उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पुलिस का विरोध नहीं करेंगे बल्कि सहयोग करेंगे। उन्होंने मीडिया से कहा कि जो बच्चे शिकायत कर रहे हैं, वे उनके गुरुकुल के नहीं हैं। उन्होंने मामले से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज और सीडी को सार्वजनिक करने की मांग भी की।

बता दें कि श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी ने अविमुक्तेश्वरानंद पर करीब २० नाबालिगों के यौन शोषण का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि माघ मेले के दौरान पीड़ितों ने अपनी आपबीती सुनाई थी। प्रयागराज कोर्ट के निर्देश पर यह मामला दर्ज किया गया है। दूसरी ओर, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि वे पूरी तरह निर्दोष हैं और कानून पर उन्हें पूरा भरोसा है।

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