‘वे कभी आश्रम आए ही नहीं!’ यौन शोषण के आरोपों पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का पलटवार

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर मचे बवाल के बीच, सोमवार को उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ी। स्वामी जी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें ‘निराधार’ और ‘सुनियोजित साजिश’ बताया है। उन्होंने दावा किया कि शिकायत करने वाले किशोर कभी उनके आश्रम में रहे ही नहीं और न ही उन्होंने वहां पढ़ाई की।
पॉक्सो (POCSO) अदालत के निर्देश पर प्रयागराज के झूसी थाने में शंकराचार्य और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत के अनुसार, जनवरी २०२५ से फरवरी २०२६ के बीच नाबालिगों के साथ कुकर्म किया गया। इस पर पलटवार करते हुए शंकराचार्य ने कहा, “मामले में जो मार्कशीट दी गई है, वह हरदोई के एक स्कूल की है। जब वे बच्चे कभी हमारे गुरुकुल में आए ही नहीं, तो उनके साथ कुछ गलत होने का सवाल ही कहां उठता है?”
शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि वह पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि जनता, उनकी अंतरात्मा और ईश्वर की अदालत में वे पूरी तरह बेगुनाह साबित होंगे। पुलिस फिलहाल अदालत के आदेश पर मामले की बारीकी से जांच कर रही है और दस्तावेजों की सत्यता जांची जा रही है।