अभिषेक-ईशान की नाकामी बनी भारत का काल! ‘डक एपिडेमिक’ के चक्कर में सेमीफाइनल से पहले बाहर होगा भारत?

टी-20 वर्ल्ड कप २०२६ में भारतीय टीम के लिए उनकी सबसे बड़ी ताकत कही जाने वाली बल्लेबाजी ही अब सबसे बड़ा सिरदर्द बन गई है। टूर्नामेंट के शुरुआती ५ मैचों में भारत की ओपनिंग जोड़ी ने महज ३४ रन जोड़े हैं। यह आंकड़ा किसी भी विश्व स्तरीय टीम के लिए बेहद शर्मनाक है। ओपनिंग पार्टनरशिप का औसत प्रति मैच मात्र ६.८ रन का रह गया है, जिसकी वजह से मिडिल ऑर्डर पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
हालात इतने खराब हैं कि इसे ‘डक एपिडेमिक’ (शून्य पर आउट होने की महामारी) कहा जा रहा है। अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की जोड़ी अब तक एक भी ५० रनों की साझेदारी नहीं कर पाई है। पाकिस्तान के खिलाफ महज १ रन की ओपनिंग पार्टनरशिप हुई, तो वहीं नीदरलैंड्स और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी पहले ही ओवर में विकेट गिर गए। नामीबिया के खिलाफ संजू सैमसन और ईशान की २५ रनों की साझेदारी ही अब तक का सर्वोच्च स्कोर है।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अहम मुकाबले में भी ईशान किशन शून्य पर आउट हुए, जबकि अभिषेक शर्मा भी ज्यादा देर टिक नहीं सके। ओपनरों की इस विफलता ने भारत की सेमीफाइनल की राह मुश्किल कर दी है। अगर जिम्बाब्वे के खिलाफ अगले मैच में भी यही हाल रहा, तो टीम इंडिया का वर्ल्ड कप जीतने का सपना एक बार फिर टूट सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि टॉप ऑर्डर में बदलाव के बिना भारत का आगे बढ़ना नामुमकिन है।