मिडिल क्लास को बड़ी राहत! कुकिंग ऑयल पर इंपोर्ट ड्यूटी आधी हुई, अब सस्ता मिलेगा खाने का तेल

रसोई गैस और खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतों के बीच आम आदमी के लिए राहत भरी खबर आई है। केंद्र सरकार ने कच्चे खाद्य तेलों (Crude Edible Oil) पर लगने वाली बेसिक इंपोर्ट ड्यूटी को 20% से घटाकर 10% करने का फैसला किया है। इस कटौती के बाद अब प्रभावी शुल्क (Effective Duty) 27.5% से घटकर 16.5% रह गया है। सरकार के इस कदम का सीधा असर बाजार में मिलने वाले तेल की कीमतों पर पड़ेगा, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब पर बोझ कम होगा।

भारत अपनी खाद्य तेल की जरूरत का लगभग 70% हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। हम मलेशिया और इंडोनेशिया से पाम तेल, जबकि अर्जेंटीना, ब्राजील और रूस-यूक्रेन से सोयाबीन और सूरजमुखी का तेल आयात करते हैं। पिछले साल शुल्क में बढ़ोतरी के कारण तेल की कीमतें आसमान छूने लगी थीं। उद्योग जगत का मानना है कि नई कटौती से घरेलू बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और तेल की कीमतों में 5 से 10 रुपये प्रति लीटर तक की गिरावट देखी जा सकती है।

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि कंपनियां इस कटौती का लाभ आम जनता तक पहुंचाएं। गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में जहां बड़ी तेल रिफाइनरियां हैं, वहां निगरानी बढ़ा दी गई है। कई बड़ी कंपनियों ने पहले ही अपने दाम घटाने शुरू कर दिए हैं। 31 मई से यह नई दरें पूरे देश में पूरी तरह से प्रभावी हो जाएंगी, जिससे जनता को बढ़ती महंगाई से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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