नियुक्ति घोटाले में फिर फँसे बिभास अधिकारी! अनुब्रत मंडल के करीबी नेता पहुंचे निजाम पैलेस, ईडी ने शुरू की पूछताछ

पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति घोटाले (Primary Teacher Recruitment Scam) में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बीरभूम के पूर्व तृणमूल नेता बिभास अधिकारी पर शिकंजा कस दिया है। कई बार नोटिस भेजने के बावजूद पेश न होने वाले बिभास बुधवार दोपहर करीब 2 बजे कोलकाता के निजाम पैलेस स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे। जांच एजेंसियों का मानना है कि उत्तर बंगाल सहित कई जिलों में पैसों के बदले नौकरी दिलाने में बिभास की अहम भूमिका हो सकती है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, बिभास के संबंध न केवल बीरभूम के बाहुबली नेता अनुब्रत मंडल से थे, बल्कि जेल में बंद टीएमसी विधायक माणिक भट्टाचार्य के साथ भी उनके करीबी रिश्ते होने के सबूत मिले हैं। गौरतलब है कि बिभास को कुछ महीने पहले उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार किया था और फिलहाल वे जमानत पर बाहर हैं। पिछले साल अक्टूबर में सीबीआई ने उनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की थी।
बिभास अधिकारी कभी नलहाटी-2 ब्लॉक के तृणमूल अध्यक्ष थे, लेकिन अनुब्रत मंडल की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी और ‘ऑल इंडिया आर्य महासभा’ नाम से एक नया दल बनाया। ईडी आज की पूछताछ में यह जानने की कोशिश करेगी कि शिक्षकों की नियुक्ति के बदले उगाही गई राशि में उनकी कितनी हिस्सेदारी थी और इसमें कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं।