बेरोजगारों के लिए मास्टरस्ट्रोक है यह योजना, जानें रजिस्ट्रेशन की शर्तें और रिजेक्शन की असली वजह

पश्चिम बंगाल सरकार की नई ‘युवा साथी’ (Yuva Sathi) योजना इन दिनों पूरे राज्य में चर्चा का विषय बनी हुई है। 2026 के बजट में घोषित इस योजना को आने वाले चुनावों के लिए तृणमूल सरकार का ‘मास्टर की’ माना जा रहा है। लाखों युवाओं ने इस भत्ते के लिए पंजीकरण कराया है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि गलत तरीके से भरा गया एक फॉर्म आपकी पात्रता को हमेशा के लिए खत्म कर सकता है।

आवेदन के लिए पात्रता और शर्तें: इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ सख्त नियम तय किए हैं:

  • आवेदक की उम्र 21 से 41 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • कम से कम माध्यमिक (10वीं) पास होना अनिवार्य है।
  • आवेदक का बेरोजगार होना सबसे बड़ी शर्त है; यानी वह किसी भी सरकारी या निजी संस्थान में काम न कर रहा हो।

कौन सी गलती पड़ेगी भारी? सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि यदि कोई युवक या युवती किसी निजी या सरकारी नौकरी में कार्यरत है और फिर भी ‘युवा साथी’ भत्ते के लिए आवेदन करता है, तो उसका आवेदन स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा। राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि एक बार आवेदन निरस्त होने के बाद, वह व्यक्ति भविष्य में कभी भी इस योजना का लाभ नहीं ले पाएगा। यह कदम धोखाधड़ी रोकने और केवल जरूरतमंदों तक मदद पहुँचाने के लिए उठाया गया है।

प्रशासन का कहना है कि आवेदक अपनी योग्यता और रोजगार की स्थिति को लेकर पूरी तरह ईमानदार रहें। जहाँ यह योजना बेरोजगारों के लिए बड़ा सहारा बनकर उभरी है, वहीं नियमों की अनदेखी आपके करियर के रिकॉर्ड और सरकारी सुविधाओं पर भारी पड़ सकती है।

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